मार्च 2017 | नम्रता नरसिम्हन

ऊंचा खड़ा प्रतीक

मुंबई का ताजमहल पैलेस सौंदर्य और आराम की अनोखी परंपरा का उदाहरण है। कुछ पहलुओं पर एक नजर जो इस ऐतिहासिक होटल को इतना खास बनाते हैं

मुंबई का ताजमहल पैलेस भविष्य के लिए ताजसमूह के कार्य दर्शन ‘ताजपन’ की अवधारणा का प्रतीक है जिसमें स्थानीय संस्कृतियों के साथ भारतीय विरासत की विशिष्टता का अनोखा मेल है जिसका उद्देश्य है अतिथियों को एक बेमिसाल अनुभव प्रदान करना। हम इसके कुछ पहलुओं पर एक नजर डालते हैं जो इस ऐतिहासिक होटल को इतना खास बनाते हैं।

  • गुंबद: ताजमहल पैलेस का लाल-टाइल युक्त फ्लोरेंटाइन गुंबद उसी फौलाद से निर्मित है जिससे एफिल टावर बनाया गया। 240 फीट ऊंचा विशाल केंद्रीय गुंबद में कैंटीलिवर स्टेयरकेस युक्त एक स्टेयरवेल है जिससे संपूर्ण भवन की ऊंचाई बढ़ जाती है।
  • कॉलोनियल कॉरिडोर: आपस में गुंथी हुई गैलरियों की अनोखी व्यवस्था जिसमें एडवर्ड युगीन और गुजराती जंगलों बैलस्ट्रेड की सज्जा है, भवन के एक छोर से दूसरे छोर तक और फर्श से लेकर छत तक विस्तृत है। इन गैलरियों के द्वार दरवाजों की विस्तृत कतारों के रूप में हैं जो पहली बार जब होटल बना था तब मेहराबों के रूप में थे।
  • शामियाना: 16 साल के अंतराल के बाद, रेस्तरां को 2016 में उसके मूल स्थान पर फिर से खोल दिया गया। जब यह 1973 में खुला था, तो शामियाना मुंबई में स्थानीय लोगों और अतिथियों के लिए पूरे दिन का पहला डाइनिंग स्पेस था। शामियाना (टेंट की तरह का चंदोवा) से प्रेरित इंटीरियर दिन भर के लिए बेहतरीन डाइनिंग अनुभव में सहायक होता है।
  • राजपूत सुइट: गोल्डन गेट पार करने वाल अतिथि राजस्थानी भव्यता के कालातीत युग में पहुंच जाते हैं। टेक्सचर युक्त और विलासितापूर्ण यह विरासती सुइट राजसीपन के लिए निर्मित है। बेहतरीन नक्काशीदार किनारों वाले हेडबोर्ड से लेकर सुनहरे काम वाले सिंक; शीशमहल (कांच निर्मित भवन) से प्रेरित स्टडी से लेकर हस्तनिर्मित मोर का चित्र, यह सुइट राजसी भव्यता का प्रतीक है। जॉन लेनन और योको ओनो तथा विख्यात सुपरस्टार एंजेलीना जोली और ब्रैड पिट जैसी हस्तियों का कभी निवास रहा यह राजपूत सुइट अपने दरवाजों के पीछे अनेक कहानियां समेटे हुई हैं।
  • ताज आर्ट गैलरी: 25 साल बाद ताज आर्ट गैलरी 2016 में दुबारा खोली गई। दशकों तक, यह स्थान कला के प्रदर्शन में संलग्न रहा और अनेक विख्यात कलाकारों की कलाकृतियां इस गैलरी में प्रदर्शित हुईं। प्रसिद्ध कलाकार लक्षमण श्रेष्ठ की पहली एकल प्रदर्शनी 1963 में लगी और 2016 में वह नई गैलरी के उद्घाटन के मौके पर गेस्ट ऑफ ऑनर थे।
  • बालरूम: ताजमहल पैलेस का सबसे ऐतिहासिक स्थल बालरूम है जिसका मुंह गेटवे ऑफ इंडिया की ओर है। सुनहरे पत्तों से सज्जित स्तंभ, लालित्यपूर्ण मेहराब और ऊंची छत भव्यता के आलीशान प्रतीक हैं। बालरूम भारतीय इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण क्षणों का साक्षी रहा है, जैसे, भारत की भूमि को अलविदा कहने से पहले लॉर्ड माउंटबेटन ने यहीं से अपना विदाई भाषण दिया था।
  • टाटा सुइट: टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के सम्मान में निर्मित यह 5000 वर्गफीट का भव्य सुइट है जिसे 2010 में खोला गया। इस सुइट ने जिस प्रथम अतिथि की मेजबानी की थी वह थे तात्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जो तब अपनी पहली आधिकारिक भारतीया यात्रा पर थे। इसमें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एक जिम्नेजियम है और जीवा का इन-सुइट स्पा भी। लक्जरी से ओत-प्रोत और लालित्यपूर्ण स्थान जिसमें बहुमूल्य कलाकृतियां सज्जित हैं और साथ ही निर्माण स्थापत्य की आलीशान गरिमा से युक्त यह सुइट एक अद्भुत निवास अनुभव प्रदान करता है।

इस आलेख का प्रथम प्रकाशन टाटा रिव्यूके अक्टूबर-दिसंबर 2016 अंक में हुआ था। ईबुक यहां पर पढ़ें