अप्रैल 2016 | संघमित्रा भौमिक

टाटा ऑटोकॉम्प परिवर्तन के जरिए शीर्ष पर पहुंचे

बाएं से: एऑन इंडिया के सीईओ संदीप चौधरी, टाटा ऑटोकॉप्म सिस्टम्स के एमडी&सीईओ अजय टंडन, टाटा ऑटोकॉप्म सिस्टम्स के अध्यक्ष और ग्रुप सीएचआरओ सीबा सत्पथी, टाटा ऑटोकॉप्म के ग्रुप मार्केटिंग और कॉरपोरेट संचार के उपाध्यक्ष श्वेताल दीवानजी तथा तरणदीप सिंह, पार्टनर, टैलेंट& परफॉर्मेंस कंसल्टिंग, एऑन हेविट (इंडिया)

टाटा ऑटोकॉम्प अध्यक्ष (लोग और सहभागिता) तथा सीएचआरओ tata.com से इस विषय पर चर्चा करते हैं कि कर्मचारी सहभागिता के निचले पायदान से उठकर कैसे शीर्ष तक पहुंचे और इस दौरान किन चुनौतियों का सामना किया।

भविष्य के लिए बिजनस लीडर तैयार करना और एक बेहतरीन नेतृत्व विकसित करना किसी भी संगठन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होता है। आप इस संतुलन को कैसे साधते हैं?
टाटा ऑटोकॉम्प एक ऑटो-कंपोनेंट कॉन्गलोमिरेट है। हमारी कई सारी बिजनस यूनिटें (डिविजन, स्वामित्व वाली कंपनियां और संयुक्त उद्यम) हैं। इस प्रकार हमारा आकार और हमारी व्यापकता हमारे लिए फायदेमंद हैं क्योंकि इससे हमें भविष्य के प्रबंधकों को तैयार करने के लिए बहुत सारे विकल्प मिल जाते हैं। अब आपके सवाल पर आता हूं। संगठन के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक निर्माण इकाइयों के संदर्भ में हमने प्रक्रिया की शुरुआत एक पारदर्शी और समावेशी विधि के सुनिश्चयन से की, यानी जब हम अपने दर्शन, अपने मिशन और मूल्यों (वीएमडब्ल्यू) का पुनर्गठन कर रहे थे तब हमने सह-निर्माण का मार्ग अपनाया। हमने अपने कर्मचारियों के व्यापक क्रॉस सेक्शन से इनपुट प्राप्त किए। इन इनपुट पर इसके बाद एक कार्यशाला में चर्चा की गई जिसमें 50 वरिष्ठ प्रबंधक शामिल हुए जहां हमने साथ मिलकर अपने विजन और मिशन का सह-निर्माण किया। इस तरह से, हमने न केवल संगठन की संस्कृति का रुख निर्धारित किया, त्वरित अधिप्राप्ति के कदम उठाए बल्कि रणनीतिक रूप से सोचने वाले भविष्य के प्रबंधक भी तैयार किए।

हमने नियमित रूप से टाउन हॉल और संवाद बैठकें की जहां विभिन्न व्यवसाय मानकों की प्रगति पर चर्चा करने के अलावा हमने संगठन की संस्कृति के निर्माण पर बल दिया। आज, हमें यह कहते हुए गर्व है कि हमने टाटा ऑटोकॉम्प में निष्पादन-उन्मुख संस्कृति के निर्माण में सफलता पाई है।

एक संगठन के रूप में आप शिक्षण, विकास और प्रशिक्षण पर कितना व्यय करते हैं?
शिक्षण, विकास और प्रशिक्षण पर हम भरपूर व्यय करते हैं। अपने डिप्लोमा धारकों के लिए हमने बीआईटीएस – पिलानी से करार किया है जो हमारे परिसर में एक विशेष पाठ्यक्रम चलाते हैं और इन डिप्लोमा धारकों के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करना सुनिश्कित करते हैं। हमारे स्नातकों के लिए एमबीए पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने हेतु हमने सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से भी करार किया है। इस तरह, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे कर्मचारियों की प्रतिभा और कौशल के स्तर में वृद्धि हो। इसके अलावा, हम अपने कर्मचारियों को अपने ग्राहकों के परिसर में तैनात करते हैं ताकि गुणवत्ता, विनिर्माण आदि की प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम तौर-तरीके इस्तेमाल किए जाएं। हमने टोयटा के साथ करार किया है जहां टोयटा के वरिष्ठ एक्जीक्यूटिव हमारे लोगों के लिए टोयटा प्रॉडक्शन सिस्टम पर विशेष कक्षाओं का आयोजन करते हैं।

एसएचएल की मदद से हमने अपने 300 लोगों के लिए हमने मूल्यांकन केंद्रों का संचालन किया है। हमें मिली प्रतिक्रियाओं का इस्तेमाल प्रत्येक संबंधित प्रबंधकों के व्यक्तिगत विकास योजना तैयार करने के लिए किया जाता है।
इसके अलावा हम बहुत से वीए/वीई, केज़ेन और नवप्रवर्तन को बढ़ावा देते हैं। ये उत्पाद, प्रक्रिया या विनिर्माण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हो सकते हैं। इससे शिक्षण, विकास और ज्ञान तथा सर्वोत्तम कार्य-व्यवहार के साझाकरण वाली संस्कृति के निर्माण में मदद मिलती है।

मौजूदा बाजार परिदृश्य में प्रतिभाशाली लोगों को लेने और उन्हें अपने साथ बनाए रखने के संदर्भ में आपको किन प्रमुख चुनौतियों का समाना करना पड़ता है?
प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने और उन्हें अपने अपने साथ बनाए रखने की सामान्य चुनौतियों के अतिरिक्त हमें तीन साल तक लगभग स्थिर औद्योगिक संवृद्धि का सामना करना पड़ा। ऐसी परिस्थिति में हमारे प्रतिभाशालियों को हमारे साथ जोड़े रखने के लिए हमारे पास एक ही रास्ता था कि उन्हें हम किसी न किसी चीज में लगाए रखें। हमने संस्कृति निर्माण का मुहिम शुरू किया जिसे हमने बीआरएसीई नाम दिया।   बीआरएसीई की व्याख्या इस प्रकार हैबीबिल्डिंग इफेक्टिव टीम, बीइंग आररिजल्ट ओरिएंटेड, एजल, सीकस्टमर सेंट्रिक एंड डिमॉन्स्ट्रेटिंग एक्सीलेंस इन ऑल दैट वी डू; यानी, एक ऐसी प्रभावशाली टीम का निर्माण जो परिणाम-उन्मुख हो, दक्ष हो, ग्राहक केन्द्रित हो तथा जो हमारे द्वारा किए जाने वाले सभी कार्यों में उत्कृष्टता दर्शाती हो। हम एक एक ऐसी क्रियाविधि का इस्तेमाल करते हैं जो हमारे लोगों द्वरा इन विशेषताओं की दिशा में किए जाने वाले उनके प्रयासों की माप करती है और उनकी पहचान करती है जो इन विशेषताओं को दर्शाते हैं। इसके अलावा हम कई ऐसे उपायों पर भी ध्यान दिया है जो हमारे व्यवसाय के स्तर को उन्नत बनाने में मददगार हैं, लेकिन साथ ही हम अपने लोगों के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षण की भी व्यवस्था करते हैं, जैसे हमने तय किया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा को हम सर्वाधिक महत्व देंगे। इसके लिए हमने न केवल अपने लोगों को शामिल किया बल्कि ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल जैसी बाह्य एजेंसी द्वारा अपने संयंत्रों का मूल्यांकन भी करवाते हैं। आज, मुझे यह कहते गर्व है कि भारत में हमारे सभी 29 संयंत्र ब्रिटिश काउंसिल द्वारा थ्री स्टार रेटेड हैं और हमारा लक्ष्य है इस वर्ष फोर स्टार की रेटिंग सुनिश्चित की जाए। इसी तरह नवप्रवर्तन के क्षेत्र में हमने लगातार नवप्रवर्तन– के लिए प्रक्रिया शुरू की है जो कि उत्पाद और प्रक्रिया- दोनों ओर से है और सबसे महत्वपूर्ण कि हमने पहचान क्रियाविधि (रिकॉग्निशन मैकेनिज्म) की भी शुरुआत की है। इस तरह, हम न केवल अपने लोगों को काम से जोड़े रख पाने में सफल रहे बल्कि उन्हें अपने साथ बनाए भी रखा। आज एट्रीशन रेट (संघर्षण दर) इंडस्ट्री के औसत से कम है।

श्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार का यह सफर कितना कठिन है?
यह बड़ी कठिन यात्रा रही। तीन साल पहले जब हमने अपनी कर्मचारी सहभागिता का आकलन किया तो हम ऑटो/ऑटो कंपोनेंट के क्षेत्र में निचले पायदान पर थे। यह हमारे लिए आंखें खोल देने वाली बात थी। सबसे पहले हमारे लिए यह महत्वपूर्ण था कि सहभागिता के महत्व पर अपने लोगों को जागरुक और संवेदनशील बनाएं। हमने इसके लिए कई सारी कार्यशालाओं का आयोजन किया। अगला चरण यह सुनिश्चित करने का था कि वास्तविक सहभागिता व्यवसाय के परिणामों से जुड़ कर घटित हो। पिछले कुछ सालों में हमने अपनी संस्कृति, वीएमवी, नेतृत्व, निष्पादन (करियर विकास, शिक्षण, पुरस्कार और पहचान) कार्य प्रक्रियाओं और कार्य तथा समुन्नत संचार पर काम किया है। हमने हर प्रकार के संचार का उपयोग किया, जैसे- वरिष्ठ प्रबंधकों, हमारी बिजनस इकाइयों के प्रमुखों और सभी संयंत्र प्रबंधकों का ‘व्हाट्सएप’ ग्रुप। इससे कर्मचारियों को एक साथ लाने और सहभागिता में वृद्धि करने में मदद मिली। हमने अपने प्रबंधकों और लाइन प्रमुखों को लाइन में उनके संवाद को समुन्नत बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इस तरह से हम तीन साल में इंडस्ट्री के निचले पायदान से उठकर शीर्ष स्थान पर पहुंच पाए।

कौन सी बात टाटा ऑटोकॉम्प को सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता बनाती है?
यह हमारे कर्मचारी और उनके परिवार हैं जो टाटा ऑटोकॉम्प को सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता बनाते हैं। यह पुरस्कार उन्हें ही समर्पित है और यह कर्मचारियों की कड़ी मिहनत और उनके परिवारों द्वारा किए जाने वाले त्याग के संभ्व हुआ है।

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस, टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स, टाटा केमिकल्स और टाटा कम्युनिकेशंस को एऑन सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया गया। मानव संसाधन विभाग के प्रमुख ने उन श्रेष्ठ व्यवहारों के बारे में बताया, जो हर कंपनी के लिए इस पुरस्कार को जीतने में सहायक हैं। और पढें:
अवलोकन: लोगों को प्राथमिकता देना
'सुखी कार्यबल महत्वपूर्ण है' — क्रिस्टील भेसानिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा मानव संसाधन प्रमुख, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस
रूपांतरण प्रक्रिया में सबसे ऊपर' — आर नंदा, मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, टाटा केमिकल्स
'काम करने के लिए श्रेष्ठ परिवेश का निर्माण हमारे लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा है' — आदेश गोयल, मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, टाटा कम्युनिकेशंस