अप्रैल 11, 2018

टाटा सन्स द्वारा टाटा एयरोस्पेस एंड डिफेंस का गठन

  • समूह की कंपनियों को समेकित कर एकीकृत परिचालन प्रदान करने का लक्ष्य
  • वैश्विक OEMs के लिए पार्टनर ऑफ चॉइस (पसंदीदा साझेदार) बनकर मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट के लिए स्वरूपित

मुंबई: टाटा सन्स ने आज कहा कि यह एयरोस्पेस एवं डिफेंस सेक्टरों के विभिन्न व्यवसायों को एक एकल निकाय के रूप में समेकित करने की प्रक्रिया है – टाटा एयरोस्पेस & डिफेंस (टाटा A&D)। आवश्यक कानूनी और नियामक स्वीकृति हासिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। टाटा A&D संपूर्ण ग्रुप कीभूमि मोबिलिटी समाधान, एयरोस्पेस, अस्त्र प्रणाली, सेंसर और कमांड, कंट्रोल, कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर (C4I) और इंटेलिजेंस संबंधी विशेषज्ञता, अनुभव और क्षमताओं का लाभ उठाने को लक्षित है।

अनेक कंपनियों की ओर से टाटा A&D का अंग बनने के प्रस्ताव हैं जिनकी पहले से ही अग्रणी एयरोस्पेस एवं डिफेंस फर्मों के साथ मजबूत और संस्थापित साझेदारियां रही हैं और वे ग्लोबल सप्लाई चेन के अंग रहे हैं। कुछ स्थितियों में, वे एक ग्लोबल एकल स्रोत प्रदाता भी हैं। यह प्रस्तावित है कि टाटा A&D भारतीय सुरक्षा बलों की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी प्लेटफॉर्म के विकास पर पुरजोर बल दिया जाएगा, जो कि टाटा A&D के दीर्घकालीन रणनीति है। अग्रणी ग्लोबल उपकरण निर्माताओं के साथ संयुक्त उपक्रमों और साझेदारियों की लंबी सूची के अतिरिक्त टाटा A&D के पास 6000 कर्मचारियों को एक साथ लाने और तेलंगाना, कर्नाटक, झारखंड और महाराष्ट्र राज्यों में उत्पादन संयंत्रों की स्थापना करने की भी योजना है।

टाटा सन्स के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘एकल और एकीकृत टाटा A&D से हमें एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले अवसरों को बेहतर रूप से लक्षित करने में सुविधा मिलेगी और भारत तथा दुनिया भर के ग्राहकों के साथ समग्र रूप से जुड़ने में मदद मिलेगी।

बनमाली अग्रवाल, प्रेसिडेंट, इनफ्रास्ट्रक्चर एंड डिफेंस & एयरोस्पेस, टाटा सन्स, ने कहा, ‘टाटा A&D का जब गठन होगा तो यह बड़े एवं अधिक जटिल प्रॉजेक्ट्स के संचालन हेतु बेहतर रूप से तैयार होगा और ग्लोबल सप्लाइ चेन के अंग के रूप में वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी होगा। हम लैंड मोबिलिटी, एयरबोर्न प्लेटफॉर्म तथा सिस्टम्स, और साथ ही वेपंस सिस्टम्स (अस्त्र प्रणालियों) तथा C4I में एकीकृत प्रदायन विकसित करने के लिए हम एकल उत्पाद मुहैया करने की नीति से परे जा चुके हैं। भारत में टाटा ने रक्षा क्षेत्र में एक औद्योगिक आधार निर्मित किया है जिसे रक्षा अनुसंधान & विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा ईकाइयों (पीएसयू) के पूरक बनने और उनके साथ एकजुट होकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के लिए तैयार किया गया है।

इस संयोजन के बाद टाटा A&D द्वारा मुहैया किए जाने वाले एकीकृत समाधानों में शामिल होंगे:

लैंड मोबिलिटी सॉल्यूशंस (जमीनी परिचालन साधन): मल्टी-एक्सल कॉम्बैट सपोर्ट वाहन, हल्की बख्तरबंद गाड़ियां, हल्के सपोर्ट वाहन, बारूदी सुरंद रोधी वाहन, हल्के बख्तरबंद मल्टी-रोल कॉम्बैट वाहन, व्हील्ड आर्मर्ड एम्फीबियस प्लेटफॉर्म (WHAP) और ट्रैक्ड एम्फीबियस प्लेटफॉर्म जैसे कि फ्यूचरिस्टिक इनफैंट्री कॉम्बैट वाहन (FICV) तथा फ्यूचर रेडी कॉम्बैट वाहन (FRCV)।

एयरबोर्न प्लेटफॉर्म एंड सिस्टम्स: मानवरहित प्रणालियां, रोटरी प्लेटफॉर्म, फिक्स्ड विंग प्लेटफॉर्म, मिसिंग सिस्टम्स एंड एवियॉनिक्स, एवं मिनी एवं माइक्रो मानवरहित एरियल व्हीकल्स (UAVs) का इन-हाउस स्वदेशी विकास, तथा सेफ्टी-क्रिटिकल एयरबोर्न कंप्यूटर सिस्टम्स तथा उनसे संबंधित मानवयुक्त एवं मानवरहित प्लेटफॉर्म के लिए उपयोगी ऐप्लिकेशंस का इन-हाउस विकास।

अस्त्र प्रणालियां (वेपन सिस्टम्स), सेंसर्स, C4I: राडार, सोनार, इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स सिस्टम्स, लैंड सिस्टम्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, होमलैंड सिक्योरिटी सेंसर्स, समग्र सीमा प्रबंधन प्रणालियां, और साथ ही हवाई सुरक्षा एवं नौसेनिक कॉम्बैट के लिए सहित कमांड कंट्रोल एवं टैक्टिकल कम्युनिकेशन सिस्टम्स के डिजायन, विकास और निर्माण का एकीकरण।

इस समेकन के बाद, टाटा A&D समूह के निकायों के साथ सहक्रिया का आधार तैयार करेंगे जिनमें शामिल होंगे टाटा मोटर्स का डेफेंस डिविजन, TAL मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशसंस लिमिटेड (टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी), टाटा पावर का स्ट्रैटजिक इंजीनियरिंग डिविजन, टाटा एडवांस्ड मटीरियल्स लिमिटेड और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड।