फरवरी 13, 2017

टाटा टी का नया जागो रे अभियान भारत से प्रतिक्रिया नहीं, पूर्व-सक्रियता की अपील करता है

यह जागो रे 2.0 विज्ञापन फिल्म अलार्म की घंटी बजने से पहले हमें जगाकर यह दिखाती है कि कैसे हम भारतीयों को सामाजिक मुद्दों पर अपना व्यवहार बदलने की जरूरत है

टाटा टी ब्रांड अपने जाने-पहचाने जागो ते अभियान के साथ वापस आ गया है – जागो रे 2.0 संस्करण। नया अभियान ‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ (अलार्म बजने से पहले जगना) लोगों से यह अपील करता है वे त्रासदियां घटित होने के बाद प्रतिक्रिया देना बंद करें और इसके बदले ‘पूर्व कार्रवाई’ शुरू करते हुए इन मसलों को घटित होने से पहले ही रोक दें। टाटा टी ‘पूर्व कार्रवाई की प्रवृत्ति’ को बढ़ावा दे रहा है, यह समय पर कार्रवाई की प्रवृत्ति है जो दुर्भाग्यपूर्ण बातों के घटित होने से पहले ही सक्रिय होता है।

यह जागो रे 2.0 विज्ञापन फिल्म एक कठोर-आक्रामक, और उपयुक्त तरीके से ‘पूर्वकार्रवाई’ की आवश्यकता को जीवंत करती है

यह जागो रे 2.0 विज्ञापन फिल्म एक कठोर-आक्रामक, और उपयुक्त तरीके से ‘पूर्वकार्रवाई’ की आवश्यकता को जीवंत करती है। महिला नायिका एक सम्मोहक कहानी के जरिए इस बातचीत को आगे बढ़ाती है जिसमें लोगों का वर्तमान प्रतिक्रियावादी स्वभाव दिखाया गया है– जो किसी मामले के घटित हो जाने के बाद उसका वर्णन करते हैं या कोई बुरी बात घटने के बाद आपस में या सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा करते हैं।  हम क्यों किसी मसले पर पूर्व कार्रवाई न करके केवल प्रतिक्रिया देकर शांत हो जाते हैं?

यह जागो रे 2.0 विज्ञापन फिल्म दिखाती है कि कैसे हमें, एक देश के रूप में, सामाजिक मसलों के प्रति अपना व्यवहार बदलने की जरूरत है। हम एक ऐसे समय में रहते हैं जहां किसी दुर्घटना के कारण जब नाराजगी होती है तो बड़ी संख्या में लोग उस जगह पर या ऑनलाइन जमा हो जाते हैं। हालांकि, अपनी जागरुकता को और आगे बढ़ाते हुए, हमें इस सक्रियता की प्रवृत्ति में एक नया व्यवहार जोड़ना चाहिए। हमें सतर्कता की भावना जगाने की जरूरत है ताकि हमारा समाज एक नए यथार्थ का सामना कर सके; जहां यह अवरोधक चेतावनी संकेतों के लिए उपाय करे और आपदाओं से बचाव करे। हमें अलार्म बजने से पहले जागने की जरूरत है – अलार्म बजने से पहले जागो रे!

कुल मिलाकर, जागो रे 2.0 अभियान पूर्व-कार्रवाई की जरूरत के प्रति ध्यान आकृष्ट करेगा। यह अभियान मामलों के बारे में नहीं है। मामले तो इसमें संबद्ध उदाहरण के तौर पर हैं; यह अभियान ‘पूर्व-सक्रियता’ का विचार प्रस्तुत करने और वर्तमान व्यवहार में परिवर्तन लाने की प्रेरणा पर केंद्रित है। इस अभियान के कई चरण होंगे इस वर्तमान चरण में यह इस नए विचार के आरोपण तथा ‘पूर्व-सक्रियता’ के विचार को वार्तालाप का मुख्य विषय बनाने के प्रति केंद्रित हैं। अनुवर्ती चरणों में, टाटा टी एक ऐसे ब्रांड के रूप में जो बदलावों में यकीन रखता है, ‘पूर्व-सक्रियता’ के विचार को जमीनी प्रयासों, वार्तालापों के जरिए आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

जागो रे का पहला संस्करण विभिन्न तरह के मुद्दों पर केंद्रित है जो भ्रष्टाचार से लेकर रिश्वत तथा मतदान और महिला सशक्तिकरण तक विस्तृत हैं। वर्षों से, ये अभियान भारतीयों की एक समूची पीढ़ी को प्रेरित कर उन्हें प्रभावित करनेवाले सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के प्रति जागरुक बनाकर अपने तरह से सामाजिक बदलाव पैदा करने में सक्रिय रहे हैं। जागो रे अभियान में हमेशा सामाजिक मुद्दों के प्रति लोगों की उदासीनता को निशाना बनाया जाता रहा है।

नए जागो रे अभियान पर टिप्पणी करते हुए, सुशांत दाश, क्षेत्रीय अध्यक्ष– भारत, टाटा ग्लोबल बीवरेजेज, ने कहा, “जागो रे कई प्रकार से एक अभिनव अभियान साबित हुआ है। इसने अपने स्वभाव के अनुकूल ब्रांडों के लिए सामाजिक परिवर्तन अपनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। हालांकि, वर्षों से, किसी न किसी नवाचार या नई सोच के साथ, यह क्षेत्र भीड़-भाड़ से युक्त बन गया है।  इसलिए, हमें को इस लीक को फिर से तोड़ने और विचारों के क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति प्रदर्शित करने की जरूरत है। इसलिए हम उपभोक्ताओं, युवाओं के पास वापस आए हैं। हमारा मानना है कि जागो रे इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। एक देश के तौर पर, पूर्ण उदासीनता से आगे बढ़कर हम प्रतिक्रियात्मक बने हैं। हालांकि, हमें अब प्रतिक्रियात्मक बनने से आगे बढ़कर लोगों में ‘पूर्व-सक्रियता’ की चेतना जगाने की जरूरत है। हम एक नया प्रतिमान-परिवर्तन लाना चाहते हैं जो भारत में सामाजिक परिवर्तन की इस यात्रा को जारी रखने में, सभी आयुवर्ग के लोगों तथा जनसमुदायों के लिए उपयुक्त साबित हो। ‘पूर्व-सक्रियता’ की धारणा एक नया आयाम– है जो संस्कृति में नहीं, बल्कि किसी सृजन में अभिव्यक्त होता है। यह सामाजिक उत्थान की एक नई धारा की आशाजनक शुरुआत है, जिससे भारत आगे बढ़ेगा।”

टीवीसी के भीतर विचार प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए, मुलेन लिंटास के अध्यक्ष तथा सीसीओ, आमिर जलील ने कहा, “जागो रे ने ‘ब्रांड सक्रियता’ पर चर्चा को प्रोत्साहित किया है, और न केवल इसमें और ब्रांडों को भागीदारी के लिए, बल्कि युवाओं को इस देश में बीते दशकों से जारी परिवर्तन प्रक्रिया का एक हिस्सा बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। शुक्रिया सोशल मीडिया का, वहां ढेर सारी नाराजगी, सलाह और समाधान भी मिलते हुए प्रतीत होते हैं, लेकिन ये सब कुछ देर से आते हैं- जब कोई त्रासदी या घटना हो जाती है तब। यह चेतना हमें यह महसूस कराती है कि जागो रे का द्वितीय संस्करण इस नई सतर्कता के नए युग के लिए आवश्यक है। इसलिए हम ‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसा करके, हमने जानबूझकर ऐसे लोगों को अपनी दैनिक मौजूदगी के जरिए जगाने के लिए एक कठोर रुख अपनाया है, जो ‘सो रहे हैं’, और हमें जो करना चाहिए उसके लिए नहीं, बल्कि केवल तभी ‘जागते हैं’, जब कुछ अघटनीय हो जाता है। हमें ‘अलार्म’ की आशा छोड़कर बहुत पहले जग जाना चाहिए, जिससे त्रासदी को रोका जा सके।”

नए टीवी व्यावसायिक शो को देखने के लिए यहां क्लिक करें और अलार्म बजने से पहले हर किसी को ‘जगाने’ की खोज में हमारे साथ यहां शामिल हों:   https://www.facebook.com/jaagore/