जनवरी 08, 2018

एल्बो इंजीनियर्स टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज 2017-18 के विजेता घोषित

टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज के छठे संस्करण ने 205 इंपैक्ट (प्रभाव) प्रस्तावों को आकर्षित किया

कोलकाता: टाटा समूह और भारतीय प्रबंधन संस्थान कलकत्ता (IIMC) का संयुक्त उपक्रम टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज 2017-18 (TSEC) के विजेताओं की घोषणा आईआईम कलकत्ता कैंपस में 6 जनवरी 2018 को आयोजित ग्रांड फिनाले में की गई। इस चैलेंज का उद्देश्य है भारत के सबसे विश्वसनीय नवस्थापित सामाजिक उपक्रमों को सामने लाना और सामाजिक उद्यमिता के लिए एक रचनात्मक माहौल का निर्माण करना– और साथ ही धारणीय व मापनीय सामाजिक प्रभाव को प्रोत्साहन प्रदान करना।

टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज के विजेता एल्बो इंजीनियर्स प्रथम पुरस्कार ग्रहण करते हुए

चेन्नई एल्बो इंजीनियर्स (विजेता), नई दिल्ली के चक्र इनोवेशन (फर्स्ट रनर-अप) और बेंगलुरु के जेके नैनोसॉल्यूसंस (सेकेंड रनर-अप) तीन सर्वोच्च आकर्षक सामाजिक उद्यमों के रूप में प्रकट हुए, जिन्हें क्रमशः 2.50 लाख, 2 लाख और 1.50 लाख के पुरस्कार प्रदान किए गए।

चैलेंज के विजेता एल्बो इंजीनियर्स चेन्नई के स्टार्ट-अप हैं जिन्होंने एक समग्र जल उत्पादन समाधान प्रदान करने वाला एक उपकरण विकसित किया है। यह उपकरण वायुमंडल के जलवाष्प को संघनित कर पानी बनाता है। इस तरह निर्मित जल का परिशोधन अल्ट्रावायलेट प्रकाश द्वारा स्टरलाइज कर किया जाता है जिससे 84 पैसा प्रति लीटर से भी कम लागत पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होता है और इस प्रक्रिया में वह हवा भी हानिकारक पदार्थों से मुक्त होकर शुद्ध होती है जिसमें हम सांस लेते हैं।

चक्र इनोवेशन जिसे फर्स्ट रनर-अप घोषित किया गया नई दिल्ली के स्टार्ट-अप हैं जिन्होंने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है जो डीजल जेनरेटर से निकलने वाले धुएं में से 90 प्रतिशत पार्टिक्युलेट मैटर को छानकर अलग करता है। यह उपकरण इंजन की कार्यक्षमता अथवा पर्यावरण पर बिना कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले प्रदूषण नियंत्रित करता है और साथ ही एकत्रित पार्टिक्युलेट मैटर को स्याही और पेंट बनाने के कच्चे माल के रूप में परिणत कर देता है।

सेकेंड रनर-अप जेके नैनोसॉल्यूशन बेंगलुरू के स्टार्ट-अप हैं। अपशिष्ट जल तथा टेक्सटाइल अपवाह के पूर्ण परिशोधन करने के लिए इन्होंने एक लागत प्रभावी त्वरित समाधान विकसित किया है जिसमें नैनोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इस विधि से परिशोधित जल के 98 प्रतिशत का दुबारा उपयोग किया जा सकता है।

सर्वोच्च तीन विजेताओं के अतिरिक्त टॉप 10 फाइनलिस्ट में जगह बनाने वाले अन्य सात उद्यम इस प्रकार थे- बॉम्बे बिजली, विलमार्ट, केरेलिया न्यूट्रीटेक, मैन्योरिंग इट! नैनोबायस लैब, आईआईटी बॉम्बे, रेस्नोवा टेक्नोलॉजीज तथा सोनैंट टेक्नोलॉजीज। इन उद्यमों का मूल्यांकन तीन मानदंडों के आधार पर किया गया - बिजनस मॉडल, सोशल इंपैक्ट और धारणीयता (उद्यमों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया परिशिष्ट 1 देखें)।

इस अवसर पर बोलते हुए आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के निदेशक प्रो. अशोक बनर्जी ने कहा, ‘पिछले छह वर्षों में टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज ने अनेक उभरते उद्यमियों को विजन के साथ आगे बढ़ने और धारणीय सामाजिक प्रभाव का सृजन करने में मदद की है। हमें उद्यमियों की प्रतिभा और उनके उत्साह को देखकर बेहद खुशी हुई जिनके पास अपने समाज में बदलाव लाने के सपने मौजूद हैं।’

IIM-C के ग्रांड फिनाले में टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज के विजेता

टाटा मेटैलिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा, ‘टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज के विजेताओं को सुनना और उनसे मिलना एक समृद्ध और प्रेरणादायक अनुभव रहा।’

टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज 2017-18 को संपूर्ण भारत से 500 प्रस्ताव प्राप्त हुए जिसमें से 205 पात्रता मानदंड पर खरे उतरे और प्रतियोगिता के अगले राउंड के लिए चुने गए। इन प्रस्तावों (प्रपोजल्स) में विविध प्रकार के अनेक क्षेत्र शामिल थे जैसे कृषि, खाद्य एवं डेयरी, स्वास्थ्यसेवा, जल और स्वच्छता, तकनीक और विकास, शिक्षा एवं कौशल विकास, हाउसिंग, हस्तशिल्प, ऊर्जा तथा माइक्रोफाइनांस आदि।

टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज 2017-18 का संचालन के बारे में:

टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज 2017-18 की शुरुआत 17 अगस्त 2017 को हुई और इसमें ऐसे सामाजिक उद्यमियों को आमंत्रित किया गया जिनका उद्यम नया हो या जिनके पास ऐसी योजना के साथ कोई आकर्षक सूझ हो जो भारत में धारणीय सामाजिक प्रभाव का सृजन करने की क्षमता रखती हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रौद्योगिकी, स्वच्छता, और हस्तशिल्प आदि के क्षेत्र में प्रभाव प्रस्ताव (विस्तृत व्यवसाय योजनाएँ) आमंत्रित किए गए थे। 

इस चुनौती को तीन राउंड में विभाजित किया गया था:

  • राउंड 1 – टीमों को निर्दिष्ट फॉर्मेट में अपना इंपैक्ट प्रस्ताव (प्रपोजल) ऑनलाइन प्रस्तुत करना था
  • राउंड 2 – सेमी फाइनल – राउंड 1 के 20 टीमों को 4-सप्ताह के मेंटरशिप प्रोग्राम में शामिल होने के लिए चुना गया। इन टीमों को सामाजिक उद्यम पूँजीपतियों, सामाजिक उद्यमियों, टाटा अधिकारियों और आईआईएम कोलकाता के प्राध्यापकों को मिलाकर सम्मानित जजों के एक पैनल द्वारा खड़ा किया गया।
  • राउंड 3 - ग्रांड फिनाले – सेमी फाइनल के 20 टीमों से 10 टीमें चुन कर फाइनल के लिए भेजी गई और इनमें से तीन विजेता टीमों को ज्यूरिस्ट के प्रतिष्ठित पैनल द्वारा चुना गया।