जनवरी 02, 2018

टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी द्वारा कर्नाटक में 50MW के सोलर पावर प्लांट की शुरुआत

राष्ट्रीय: टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी (TPREL) ने आज कर्नाटक के पावागडा सोलर पार्क में 50 मेगावाट DCR सोलर प्लांट के कार्यारंभ की घोषणा की। यह प्रॉजेक्ट कंपनी ने 4 अप्रैल 2016 को नेशनल सोलर मिशन फेस-II बैच-II ट्रैंच-I स्टेट स्पेसिफाइड बंडलिंग स्कीम के तहत हासिल की थी। इसके साथ ही TPREL की कुल संस्थापित परिचालन क्षमता अब बढ़कर 1,664MW हो गई है।

50MW का यह सोलर प्लांट 253 एकड़ जमीन पर फैला है। इस सोलर प्लांट से बिजली की बिक्री हेतु NTPC लि. के साथ रु.4.84/यूनिट की दर से 25-साल के बिजली खरीद समझौते के तहत एक करार किया गया है।

टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी के सीईओ राहुल शाह ने कहा, ‘कर्नाटक में 50 मेगावाट के सौर संयंत्र की स्थापना (कार्यारंभ) से देश में नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी के रूप में हमारी अग्रणी स्थिति को और भी अधिक मजबूती प्राप्त हुई है जिसका सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति है। जमीन और निकास हो जाने पर हम सोलर पार्कों में विकास के अवसर चाहते हैं और हम प्रॉजेक्ट पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हमें इसपर गर्व हो रहा है तथा हमने ऑर्गैनिक और इनॉर्गैनिक अवसरों के जरिए भारत एवं चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में संभावित स्थान तलाशना जारी रखा है।’

TPREL ने अभी हाल में गुजरात के चरंका में 25MW के गुजरात सोलर पार्क, महाराष्ट्र के पलासवाडे में 30MW सोलर प्लांट और कर्नाटक के पावागडा सोलर पार्क के रूप में 100MW के सोलर प्लांट की स्थापना की है। टाटा पावर का विजन है 2025 तक कम्पनी की कुल उत्पादन क्षमता का 35-40% हिस्सा नॉन-फॉसिल (गैर-जीवाश्म) ईंधन स्रोतों से हासिल करना। टाटा पावर की नवीकरणीय क्षमता इस साल 2,000 MW के पार पहुंच गई है और इसका ग्रीन जेनरेशन पोर्टफोलियो 3,000MW को पार कर चुका है।